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Showing posts from June, 2021

17. समूह के संगठीत के कार्य एवं दायित्व

Chk YouTh 17. समूह के संगठीत के कार्य एवं दायित्व । Discription Page समूह के संगठीत के कार्य एवं दायित्व :- समूह के गठन से लेकर उसके आत्मनिर्भर होने तक समूह की समस्त गतिविधियों के सफल परिचालन में सहयोग करें। समूह को उसके उद्देश्य लाभ एवं कार्य को समझने में मदद करना। समूह के शुरूआती बैठक आयोजित करना और सदस्यों को सामूहिक बैठक आयोजित करने का तरीका बताना, हिसाब-किताब लेखा-पंजी, हाजरी, बचत, वित्तीय पंजी, कार्यवाही पंजी के रख-रखाव के तरीके बताना निर्णय लेने का तरीका बताना इत्यादि। सही नियम बनाने में समूह की सहायता करना। समूह के नेतृत्व के विकास में सहायता देना। समूह के सदस्यों में सहयोग का भाव जगाना। योजनाओं के क्रियान्यवन में समूह को सहायता देना। -: धन्यवाद :- पृष्टभूमि परिभाषा उददेश्य लाभ सदस्यता जिम्मेदारी जिम्मेदारी ...

16. समूह संगठीत

Chk YouTh 16. समूह संगठीत। Discription Page समूह संगठीत :- ग्राम स्तर पर समूह को संगठीत करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसमें समूह संगठक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समूह गठक गांव का ही पढ़ा-लिखा व्यक्ति हो सकता है जो कि गांव में समूह बनाने और परिचालन हेतु शुरुआत दिनों में सहयोग करते है एवं समूह को स्थापित होने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इनके सहयोग से समूह को आरम्भिक दौर में सहयोग मिल जाता है एवं अच्छे समूह का गठन होता है और सदस्यों के लिए आगे बढ़ने के नये रास्ते खुल जाते हैं। समूह संगठकों का चयन ग्राम स्तर पर बैठक कर किया जाना उपयोगी होता है। इसके तय मापदण्डों को ग्राम में बैठक में चर्चा कर बताये एवं ग्रामीणों को इसके आधार पर प्रभावी समूह संगठकों का चयन करने हेतु कड़े इसके पश्चात इन समूह संगठकों का प्रशिक्षण आयोजित कर उन्हें उनके दायियों को समझायें एवं फिर उन्हें कार्य करने हेतु कहें। -: धन्यवाद :- पृष्टभूमि ...

15. स्वयं सहायता समूह का परिचालन

Chk YouTh 15. स्वयं सहायता समूह का परिचालन। Discription Page स्वयं सहायता समूह का परिचालन :- गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद समूह का परिचालन तय किये गये नियमों के अनुसार किया जाये। समूह नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह अपनी बैठक आयोजित करे। स्वयं सहायता समूह के गठन में निम्न तरह के लोग सहायता कर सकते हैं। स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ता। बैंक शाखा के कर्मचारी । प्राथमिक कृषि सहकारी समितियाँ । सरकारी प्रतिनिधि एवं कर्मचारी । अवकाश प्राप्त कर्मचारी, शिक्षक इत्यादि। शिक्षित युवक-युवतियों जिनकी मानसिकता दूसरों की सहायता करने की है। स्वयं सहायता संघ के कार्यकर्ता । -: धन्यवाद :- पृष्टभूमि परिभाषा उददेश्य लाभ सदस्यता जिम्मेदारी जिम्मेदारी क्या होगी ? पंच सूत्र आदर्श SHG ...

14. समूह गठन की प्रक्रिया

Chk YouTh 14. समूह गठन की प्रक्रिया। Discription Page समूह गठन की प्रक्रिया :- प्रायः यह देखा गया है कि अशिक्षित एवं अल्पशिक्षित क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह गठन खासकर महिला समूहों के गठन में थोड़ा लम्बा समय लगता है। अशिक्षित क्षेत्र की महिलाओं को 2-3 तरह की बाधाओं जैसे- अशिक्षा, भाषा की समस्या एवं सामाजिक बंधन इत्यादि का सामना करना पड़ता है। इस तरह के समुदायों में समूह गठन करने में 7-8 बैठक का समय लग सकता है। लक्षित समूह की महिलाओं का चिन्हांकन करने के बाद सामुदायिक सहजकर्ता (Community Resource Person) इन संभावित महिला सदस्यों के साथ स्वयं सहायता समूह की अवधारण के बारे में विस्तार से चर्चा करें। यह काम पिलप चार्ट तथा अन्य आई.ई.सी. (सूचना, शिक्षा एवं सामग्री जैसे फिल्म आदि निर्मित फिल्मों) के माध्यम से करना उपयोगी रहता है। सामुदायिक सहजकर्ता समूह के सदस्यों से परामर्श कर प्रथम औपचारिक बैठक की तिथि और बचत की राशि को तय कर यह सुनिश्चित करे कि पहली तीन बैठकों में प्रत्येक सदस्य के...

13. समूह गठन कैसे करें

Chk YouTh 13. समूह गठन कैसे करें । Discription Page गठन पूर्व के कार्य :- समूह गठन करने से पूर्व समूह संगठक या अगुआ सदस्य, गाँव के माननीय व्यक्तियों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम विकास समिति के सदस्यों तथा अन्य जागरूक पढ़े-लिखे व्यक्तियों के साथ ग्राम में एक साधारण सभा का आयोजन करें। इस सभा में स्वयं सहायता समूह के गठन इसके फायदे, कौन इसमें सदस्य बन सकता है इसके बारे में बतायें, इसके लाभ की चर्चा करें अगर संभव होता है तो श्रव्य दृश्य माध्यमों जैसे फिल्म पोस्टर, बैनर इत्यादि का भी उपयोग करें। बैठक में ही गाँव के उन टोले-मुहल्ले की पहचान करें जहां स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा सकता हो। इसके अलावा जहां गरीब परिवारों की संख्या अधिक हो। इसके बाद टोलेवार बैठक तय करें। यदि संभव हो तो बैठक में उपस्थित लोगों को टोले में बैठक आयोजित करने की जिम्मेवारी दे दें। दूसरी बैठक टोलेवार आयोजित की जाती है जिसमें समूह के संभावित सदस्यों से विस्तार में बातचीत की जाती है। इस बातचीत में दृश्य माध्यमों जैसे फिल्म विडि...

12. स्वयं सहायता समूह गठन के पूर्व की प्रक्रिया

Chk YouTh 12. समूह गठन कैसे करें । Discription Page स्वयं सहायता समूह गठन के पूर्व की प्रक्रिया :- मजबूत एवं प्रभावी समूह गठन करने के लिए गठन पूर्व अपनायी जानेवाली प्रक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण है गठन पूर्व प्रक्रिया में योग्य एवं इच्छुक परिवारों की पहचान एक महत्वपूर्ण गतिविधि है। अच्छे समूह गठन के लिए सबसे पहले चुने गये टोले/गांव में उपयुक्त एवं इच्छुक परिवारों/सदस्यों की पहचान करें। फिर चिन्हित परिवारों से सम्पर्क कर उन्हें बैठक में भाग लेने के लिए बुलायें। सम्भावित सदस्यों के साथ विचार-विमर्श कर 15-20 सम्भावित सदस्यों को अगले बैठक के लिए तय किये गये जगह एवं समय पर बुलायें। -: धन्यवाद :- पृष्टभूमि परिभाषा उददेश्य लाभ सदस्यता जिम्मेदारी जिम्मेदारी क्या होगी ? पंच सूत्र आदर्श SHG नियम व सिद्धांत SHG का गठन कैसे किया जाता है ? SHG गठन के पूर्व की ...

11. स्वयं सहायता समूह का गठन कैसे किया जाता है ?

Chk YouTh 11. स्वयं सहायता समूह का गठन कैसे किया जाता है ? Discription Page स्वयं सहायता समूह का गठन कैसे किया जाता है ? :- अच्छे स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। गठन प्रक्रिया की अनदेखी कर हड़बड़ी में बनाये गये ज्यादातर समूह टिकाऊ नहीं होते और अपने उद्देश्य की प्राप्ति में असफल रहते हैं। मजबुत एवं प्रभावी स्वयं सहायता समूह के गठन एवं विकास की निम्न अवस्थाएँ हैं। गठन पूर्व जागरूकता (Awareness and mobilization) लक्षित महिलओं की पहचान करना। गठन के दौरान प्रारम्भिक 7 बैठक (Organisation) समूह संचालन के तरीकों पर चर्चा  | गठन के बाद समूह का परिचालन (Operation & Performance) | -: धन्यवाद :- पृष्टभूमि परिभाषा उददेश्य लाभ सदस्यता जिम्मेदारी जिम्मेदारी क्या होगी ? पंच सूत्र आदर्श SHG नियम व सिद्धांत ...

10. स्वयं सहायता समूह के नियम व सिद्धांत

Chk YouTh 10. स्वयं सहायता समूह के नियम व सिद्धांत Discription Page स्वयं सहायता समूह के नियम व सिद्धांत :- नियम एवं सिद्धांत समूह अथवा संगठन को मजबूत बनाते हैं। अतः आवश्यक है कि उनका निर्धारण प्रभावी तरीके से किया जाय। नियमों का निर्धारण सहभागी पद्धती से किया जाना आवश्यक होता है ताकि समस्त सदस्य उसमें अपना मत दे सके एवं वे सभी को स्वीकार्य हो । समूह की आयु अवस्था, शर्त आदि के अनुसार ये नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। समूह द्वारा अपनाये जानेवाले नियम प्राय: इन मुद्दों से संबंधित होते हैं: बैठक के नियमः समूह के बैठक का दिन, समय और स्थान का निर्णय तय करना एवं समूह का नाम रखना। प्रतिनिधियों के चुनाव से संबंधित नियमः नेतृत्व परिवर्तन, पदाधिकारियों का कार्यकाल, प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियाँ। उपस्थिति के नियम: देर से आने पर दंड, अनुपस्थित होने पर दंड, बैठक को बीच में छोड़कर जाने वाली सदस्य पर दंड या कार्रवाई, पहले से सूचना देकर बैठक में नहीं आने वाले सदस्यों पर कार्यवाही इत्याद...

9. आदर्श स्वयं सहायता समूह

Chk YouTh 9. आदर्श स्वयं सहायता समूह Discription Page आदर्श स्वयं सहायता समूह :- ऐसा स्वयं सहायता समूह जो स्वयं सहायता समूहों हेतु निर्धारित पंचसूत्रों का पालन करने के साथ-साथ समूह के बैठक में निम्न प्रक्रियाओं का पालन करते हैं ऐस स्वयं सहायता समूह जो स्वयं सहायता समूहों हेतु निर्धारित पंचसूत्रों का पालन करने के साथ-साथ समूह के बैठक में निम्न प्रक्रियाओं का पालन करते हैं प्रार्थना परिचय उपस्थिति ठीक विद्यालय की तरह) पिछली बैठक में लिये गये निर्णयों की समीक्षा करना। बैठक के लिए कार्यसूची तय करना (चर्चा का विषय/एजेन्डा ) तय किये गये विषयों पर चर्चा करना। सभी सदस्यों के समक्ष कैश बॉक्स को खोलना एवं रूपयों की गिनती करना। प्रत्येक सदस्य की बचत जमा करना। जुर्माने का निर्धारण एवं भुगतान। ऋण की नियत समय एवं किस्तानुसार वापसी ऋण का आंकलन (मांग) ऋण की प्राथमिकता निर्धारण (किनको क्यों) ऋण प्रदान करना लेखा एवं अन्य पुस्तिकाओं मे...